अन्नपूर्णा रसोई
25 दिसंबर के दिन शुरू हुई दिल्ली सरकार की ‘अटल कैंटीन’ की पांच रुपये की थाली के बारे में पढ़कर अपनी ही एक ब्लॉग पोस्ट (2008) याद आ गयी
https://bhojanbhatt.blogspot.com/2008/06/blog-post_13.html
जिस में दरख्वास्त थी कि
“आसानी से हर गली मोहल्ले में एक अन्नपूर्णा रसोई खुल सकती है, जहाँ पांच-छः रुपये में हर इंसान को भर पेट खाना दिया जा सकता है”
जिस देश में 81.35 crore जनता अभी भी मुफ्त राशन की मुहताज़ हो
जहाँ शहरी गरीबों की गिनती करोड़ों में हो
जिनमें भी ज़्यादातर लोग झुग्गी झोपडी और
फुटपाथ पर ठिकाना खोजते हों
उनकी बुनियादी ज़रूरत की तरफ देर से ही सही ध्यान जा रहा है
यह बात काबिले तारीफ़ है
तमिल नाडु की 'अम्मा उनवागम' (अम्मा कैंटीन) जननी है
MGR के समय प्रारम्भ हुई लोक लुभावन योजना में
एक रुपये में इडली,5 रुपये में पोंगल,सांभर चावल और तीन रुपये में दही चावल मिलते हैं .
मद्रास शहर से शुरू यह योजना,और महानगरों
और कस्बों तक फ़ैल गयी है
जहाँ साफ़ सफाई के माहौल में
भर पेट खाना मिलता है
पडोसी कर्णाटक में इंदिरा कैंटीन में सुबह का टिफ़िन और दिन रात का खाना पांच रुपये में उपलब्ध है
इडली-साँभर के साथ ,टमाटर भात,बिसि बेले भात भी मिलता है
आंध्र प्रदेश की NTR द्वारा शुरू की 'अन्ना कैंटीन 'में पूड़ी सब्जी,उपमा,पोंगल भी उपलब्ध है
राजस्थान सरकार की 'श्री अन्नपूर्णा रसोई 'में 8 रुपये में चपाती,दाल, सब्जी,चावल/मिलेट्स(श्री अन्न)खिचड़ी एवं अचार सम्मिलित है
ज़रूरत है देश के सक्षम जनों के द्वारा अपनी जेब ढीली करने की
जिस से हर गली ,मोहल्ले में एक रसोई खुल सके
नए साल का यही सपना ,
कोई भूखा न रहे इस देश,जहान में
