Thursday, January 1, 2026

 अन्नपूर्णा रसोई

25 दिसंबर के दिन शुरू हुई दिल्ली सरकार की  अटल कैंटीनकी पांच रुपये की थाली के बारे में पढ़कर अपनी ही एक ब्लॉग पोस्ट (2008) याद गयी

https://bhojanbhatt.blogspot.com/2008/06/blog-post_13.html


जिस में दरखास्त थी कि 

आसानी से हर गली ,मुहल्लें में एक अन्नपूर्णा रसोई खुल सकती है, जहाँ पांच-छः रुपये में हर इंसान को भर पेट खाना दिया जा सकता है


जिस देश में 81.35 crore जनता अभी भी मुफ्त राशन की मुहताज़ हो 

जहाँ शहरी गरीबों की गिनती करोड़ों में हो 

जिनमें भी ज़्यादातर लोग झुग्गी झोपडी और फुटपाथ पर ठिकाना खोजते हों 

उनकी बुनियादी ज़रूरत की तरफ देर से ही सही ध्यान जा रहा है 

यह बात काबिले तारीफ़ है 

अम्मा उनवागम (अम्मा कैंटीन) इसकी जननी है 

MGR के समय प्रारम्भ हुई लोक लुभावन योजना में 

एक रुपये में इडली,5 रुपये में पोंगल ,सांभर चावल और तीन रुपये में दही चावल मिलते हैं 

मद्रास शहर से शुरू यह योजना ,और महानगरों और कस्बों तक फ़ैल गयी है 

जहाँ साफ़ सफाई के माहौल में भर पेट खाना मिलता है 

पडोसी कर्णाटक में इंदिरा कैंटीन में,सुबह का टिफ़िन और दिन रात का खाना पांच रुपये में उपलब्ध है 

इडली साँभर के साथ ,टमाटर भात ,बिसि बेले भात भी मिलता है  

आंध्र प्रदेश की NTR द्वारा शुरू की  'अन्ना कैंटीन ' में पूरी ,सब्जी,उपमा ,पोंगल भी उपलब्ध  है 

राजस्थान सरकार की 'श्री अन्नपूर्णा रसोई 'में 8 रुपये में चपाती,  दाल, सब्जी, 

चावल/मिलेट्स (श्री अन्न) खिचड़ी एवं अचार सम्मिलित है

ज़रूरत है देश के धनाढ़्य लोगों के द्वारा अपनी जेब ढीली करने की 

जिस से हर गली ,मोहल्ले में एक रसोई खुल सके 

नए साल का यही सपना