Monday, July 27, 2009


दाल में काला
अरहर की दाल और बैंगन की सब्जी किसी न किसी रूप में पूरे देश में मिल जाती है
चाहे पूर्वांचल का दाल चावल आलू चोखा हो या दक्षिण का अन्ना साम्भर (चावल +साम्भर)
बिना तूर (अरहर ) की दाल के किसी का पेट नहीं भरता
५०% से अधिक जन के प्रोटीन की स्रोत अरहर दाल का दाम पिछले दिनों आसमान चूम रहा है
३४ रुपये किलो मिलने वाली दाल की कीमत आजकल ९५-१०२ रुपये के आस पास है
जिस देश में अच्छे दिनों में मिलने वाली औसत मजदूरी १०० रुपये से ज्यादा न हो
वहां दाल की इस कीमत ने सारे घरेलु बजट को बिगाड़ दिया है
विद्वान जन इस के पीछे पिछले साल की कम पैदावार को मानते हैं
१२.६५ लाख टन से गिर कर 9.71 टन इस साल
म्यांमार और तंजानिया में कम उत्पादन भी जिम्मेवार है
लेकिन इस साल कम बारिश की आशंका से मिल मालिकों की काला बाजारी भी रंग ला रही है
राज्य सरकारें भी बाज़ार से खरीद कर PDS के माध्यम से कुछ राहत पहुँचाने की कोशिश कर रहीं है
पर हालत खास अच्छे नज़र नहीं आते
बच्चों के मिड डे माल से दाल गायब हो गयी है
ज़रूर दाल में काला है

Sunday, July 19, 2009


सिनेमा में भोजन
अगर हृषिकेश मुखर्जी की फिल्मों में बावर्ची बने राजेश खन्ना के आलू परवल काटते किरदार को छोड़ दें
तो हाल में अमिताभ बच्चन के 'चीनी कम' और माधवन के 'रामजी लन्दन वाले ' के शेफ के
रोल ही याद आतें हैं
बाबी फिल्म में डिम्पल कपाडिया के भजिया बनाते हुए बेसन में सने हाथ वाला दृश्य याद है
वरना औसतन हिंदी फिल्मों में भोजन की ओर कम ध्यान गया है
इसका कारण फ़िल्मी मानस में खाना पकाना नौकर का काम है
ये ज़िम्मेदारी माँ/ पतिव्रता नारी को रसोई में खटते दिखाकर पूरी हो जाती है
बैंगलौर से छपने वाली 'फ़ूड लवर्स गाइड' में विदेशी सिनेमा में
भोजन पर आधारित फिल्मों की पूरी लिस्ट छपी है ,कुछ तो मैंने भी देखीं हैं
१.Chocolat -फ्रांस के एक गाँव में जब चॉकलेट बनाने वाली माँ (जूलियट बिनोचे) बेटी आती हैं
जूलियट की पाक कला के सारे दीवाने हो जाते हैं तो शांत ग्रामीण जीवन में उथल पुथल मच जाती है
johny depp और judi dench की अदाकारी से सजी इस फिल्म(२०००) में चॉकलेट बनाने के दृश्य इतने लुभावने है ,अभी भी सोच कर मुहँ में पानी आ जाता है
२.Like Water for chocolate - मेक्सिको की बनी इस फिल्म में नायिका तितो का प्रेमी पेद्रो
उसे छोड़ कर उसीकी सगी बहन से शादी का निर्णय करता है
तितो पेद्रो के दिए गुलाब के फूलों को मिला कर बटेर का ऐसा शोरबा शादी वाले दिन बनाती है
सारे मेहमान उसके स्वाद से बेचैन हो उठते हैं
इसके अलावा ये फिल्में भी देखिये और मुग्ध हो जाईये
3.Eat Drink Man woman-
4.Mostly Martha
5.Solino
6.Big Night
सिनेमा में भोजन का मतलब पॉप कॉर्न ही नहीं होता

Friday, July 3, 2009


बिटिया रानी ने पास्ता बनाया
पूत के पांव पालने में ही दिखने लगते हैं
सो बिटिया रानी ने सवा साल की उम्र में रोटियां बेलने की जिद पाल ली
बाद में कंप्यूटर पर खाने के व्यंजनों के चित्र बनाने लगीं
जिसकी परिणति उनकी किताब' Father and daughter cook it up for mom' में हुई
आजकल बचपन की उन नादानियों को देख कर शरमा जाती हैं
हाल में टीवी पर रितु डालमिया का कार्यक्रम 'इटालियन खाना ' देखकर उत्साहित हुईं
पहले प्रयोग में पास्ता बनाना चाहतीं थीं
भोजन भट्ट ने उन्हें चाकू के इस्तेमाल और गैस जलाने पर प्रतिबन्ध लगा रखा है
सो उन्हें इन दो कामों में मदद की ज़रूरत पड़ी
आईटीसी का Sunfeast का गेहूं से बना Penne पास्ता उबाला गया
olive आयल में कटे लहसुन को तल कर और सब्जियां और टोफू मिलाया गया
उसमें पास्ता डालकर ऊपर से चीज़ छिड़की गयी
जब oregano छिडकने की बारी आई तो गलती से शीशी का मुंह खुल गया
और सारा पास्ता हरे रंग का दिखने लगा
जिसका रास्ता कुछ पास्ता को पानी में धुल कर निकाला गया
लेकिन स्वाद मज़ेदार था

Thursday, June 18, 2009


एक हफ्ते में साढ़े तीन किलो वज़न घटाया
भोजन भट्ट सदा से गोल मटोल रहे हैं
व्रत द्वारा शरीर को कष्ट देने में यकीन नहीं रखते
लेकिन संगिनी का आग्रह मान कर इस बार इक्कठे डाइट पर जाने का विचार किया
G M Diet ,शर्त यह थी कि भूखे नहीं रहेंगे
एक सप्ताह तक मनोहारी प्रयोगों के बाद देखा तो दोनों लोगों का वज़न करीबन साढ़े तीन किलो घट गया था
दर असल अमरीकी कम्पनी जनरल मोटर्स ने Johns Hopkins Research Centre की सहायता से अपने कर्मचारियों और उनके परिवार जनों की मदद के लिए यह Diet बनाया था
हम लोगों ने उसमे कुछ तब्दीलियीं की ,इसके शाकाहारी संस्करण की खोज में
हर दिन दस ग्लास पानी पीजिये,चाय ,काफी, रस रंजन से परहेज कीजिये
सब्जियों का मनोहारी सूप अधिक मात्रा में बना लीजिये ,भूख लगने पर पीते रहें
आप भी लुत्फ़ उठाइए
पहला दिन - केले की सिवाय सारे फल खा सकते हैं,खरबूज और तरबूज दिल खोल कर खाईये
दूसरा दिन- सारी सब्जियां खा सकते हैं ,उबले/bake किये हुए आलू से शुरुआत कीजिये,चाहें तो थोडा सा मक्खन स्वाद के लिए डाल लीजिये ,हम लोगों ने ढेर सारा सलाद ,उबली और ग्रिल की सब्जियां खायीं
तीसरा दिन- आज फल और सब्जियां मिला जुला कर सेवन करें , आलू और केले को छोड़ कर
हम लोगों ने fruit सलाद बनाया ,सुबह नाश्ते में मटर की घुघनी खायी
चौथा दिन- आज केवल दूध और केले खाने की अनुमति है ,सूप भी पी सकते हैं
हम लोगों ने केले की चाट और banana shake पिया
पांचवां दिन-आज टमाटर और राजमा /सोया/टोफू (सोया पनीर) खा सकतें हैं ,पानी भी ज्यादा पीना होगा
हम लोगों ने नाश्ते में ग्रिल टमाटर और खाने के लिए दक्षिण भारतीय शैली का 'टोमाटो राइस' बनाया
कडाही में प्याज,और कटे टमाटर को भुन कर,हलके नमक मिर्च के साथ उबले चावलों में मिला कर खाया
बहुत स्वादिष्ट लगा ,साथ में राजमा ,सोया और टोफू का सलाद खाया ,निम्बू का रस छिड़क कर
छठां दिन- आज आप सब्जियां और सीमित मात्रा में चावल खा सकते हैं
सदाबहार मटर और corn की घुघनी और बचा हुआ 'टोमाटो राइस' खाया
सातवां दिन- आज के दिन बिना पोलिश किया चावल और सब्जियां खा सकते हैं ,फलों के जूस की भी इजाज़त है
हम लोगों ने सोया,मटर का पुलाव बनाया ,बिना घी तेल का
इस पूरी प्रक्रिया में ख़ास कष्ट नहीं हुआ
देखें कितने दिन यह वज़न बरक़रार रहता है

Monday, June 8, 2009


भोजन का पंजाबीकरण
हाल में उस्ताद वीर संघवी साहब केरल के वायनाड क्षेत्र के किसी होटल में शूटिंग कर रहे थे
भोजन काल में जब उन्होंने उम्मीद की
शायद केरल का पारंपरिक भोजन इस आतंरिक भाग में उपलब्ध होगा
अप्पम और stew मिले न मिले ,मीन मोइली तो ज़रूर मिलेगी
लेकिन केवल बटर चिकन ,काली दाल और पनीर की सब्जी उपलब्ध थी
उनका निष्कर्ष था कि यश चोपडा की फिल्मों के प्रभाव के चलते अब सारा देश पंजाब मय हो गया है
करवा चौथ के व्रत की कथा सारे हिंदुस्तान को मालुम है
तमिलनाडु तक में सलवार कमीज अब सामान्य पहनावा है
पता नहीं उनकी थीसिस कितनी सटीक है
लेकिन भोजन के मामले में उनका तीर सही निशाने पर है
आजकल हिन्दुस्तान में कहीं भी बाहर खाने का मतलब है
तंदूरी रोटी/नॉन ,काली दाल और शाही पनीर
नान वेज का मतलब कबाब और तंदूरी चिकन
होटल का मतलब ढाबा
देश के अलग हिस्सों में स्थानीय भोजन की समृद्ध परंपरा रही है
लेकिन आजकल रंग बदले हैं
मध्य प्रदेश में आप किसी मझोले साइज़ के रेस्तरां में दाल बाफला मांग कर देखिये
मंगलोर में अक्की रोटी और नीरा डोसा पूछिये
लखनऊ में लिट्टी दाल बाटी चोखा के बारे में जानकारी मांगिये
गोवा में कुम्बी दिशेस का पता करिए
मिले न मिले पंजाबी थाली ज़रूर मिलेगी
विदर्भ में सावजी होटल और दक्कन में मिलटरी होटलों में नान वेज खाने का रिवाज रहा है
लेकिन आजकल कहीं इसका ज़िक्र नहीं आता
भोजन भट्ट भी ढाबा पुराण खोल कर बैठ जाते हैं
अस्सी के दशक में रामायण सीरियल ने राम की छवि के लिए जो काम किया था
आप अरुण गोविल की धनुर्धारी छवि से हट कर राम जी की कल्पना नहीं कर सकते
आजकल फिल्मों/मीडिया की मदद से खाने की भी वही हाल है
इसमें हर शहर में खुले मोती महल/शान ए पंजाब जैसे होटलों का भी खासा योगदान है
लगता है जायका बदल रहा है

Saturday, May 30, 2009


नागपुर की यादें
१९८९ में अगस्त की बात है .
श्रीनगर में बैंक में नौकरी कर रहा था
अभी कश्मीर वादी आतंकवाद की गिरफ्त में नहीं आई थी
एक दिन अचानक तार मिला कि नयी नौकरी नागपुर में लग गयी है
पागल खाना चौक के सामने बने संस्थान में २० अगस्त को हाज़िर होइए ,
जहाँ दो साल तक ट्रेनिंग दी जायेगी
उन दिनों संस्थान की पत्रिका 'The File' में गाहे बगाहे स्थानीय भोजनालयों के बारे में लिखता था
आखिरी अंक में सारे होटलों की फेहरिश्त बनाने की कोशिश की ,अगले बैच की मदद के इरादे से
हाल में 'The File' का पुराना अंक मिल गया ,आप भी देखें ,बीस साल बाद इन में से कितने होटल बचे हैं
१. अलंकार- सीता बलडी- ६ रुपयें में विशालकाय पेपर मसाला डोसा मिलता था ,जो दो लोगों के लिए पर्याप्त था
२.अशोका- सदर- मेस बंद होने पर अधिकाँश यार दोस्त यहीं दिखते थे,भुना मुर्ग लाजबाब लगता था
३.अर्जुन- सदर -रस रंजन के शौकीन मित्र इसकी पहली मंजिल पर मिलते थे
४.आर्य भवन- सीता बलडी- शाकाहारी व्यंजन और थाली मिलती थी -पनीर भरता याद है
५.बब्बू का होटल-मोमिन पुरा- सड़क छाप जगह में मटन बिरयानी मिलती थी -स्वाद उम्दा था
६.जगत-सीता बलडी- तीन मंजिले होटल में खाया पाव भाजी और कुल्फी फलूदा याद है
७.नम्रता- सदर में मोतीमहल होटल के पास बना सरदार जी का ढाबा अनादि वर्माजी को काफी पसंद था पंद्रह रुपये में एक प्लेट बटर चिकन मिलता था और २६ रुपये में तंदूरी मुर्ग
८. नानकिंग- -सदर -छोटी सी जगह में चीनी मूल के परिवार का साझा प्रयास
.मोती महल -पारंपरिक पंजाबी खाने का अड्डा- यहाँ खा कर लगता था कि देश में खाने के तेल की किल्लत नहीं है
१०.पर्ण कुटीर- eTHNIC EATERIES का सूत्रधार रेस्तरां -यहां महाराष्ट्रीय थाली में ज्वार रोटी,भाखरी ,पंचामृत सब्जी और कचुम्बर सलाद मिलता था -बाद में होटल के बाहर पान की दूकान पर पक्षियों के आकार के पान खाए जाते थे
बीस साल बाद मित्रों का नागपुर में फिर से मिलने का इरादा है ,देखें क्या कुछ बदला है

Monday, May 18, 2009


MTR में पार्टी
बजट पार्टी हमारे दफ्तर की परंपरा है ,जो वित्तीय वर्ष के पूरे होने पर दी जाती है
मेरे सुझाव पर सहयोगी इसे ८५ वर्ष पुराने MTR रेस्तरां में लंच करने पर राजी हो गए
आखिर बंगलोर के इस लैंडमार्क रेस्तरां में भोजन करना सबकी दिली ख्वाहिश रहती है
१९२४ में मैया बंधुओं द्वारा स्थापित यह भोजनालय इस पीढी में हेमामालिनी मैया बखूबी चला रहीं हैं
उदिपी ब्राह्मण शैली के भोजन की परंपरा जारी है
पुरानी दो मंजिला बिल्डिंग के आगे घंटों कतार लगती है
भोजन अनुरागी ग्राहकों की ,जो इसके भोजन की शुद्धता के कायल हैं
अंदर दीवारों पर रवि वर्मा के तेल चित्र
लगता है कि दुनिया कहीं थम सी गयी है ,कुछ भी बदला नहीं
फर्नीचर के नाम पर लाल प्लास्टिक की कुर्सियां
वेटिंग वाले सज्जन लकडी की बेंच पर बैठे अपनी बारी का इंतज़ार करतें हैं
घुटनों तक मोड़ी धोते पहने ब्राह्मण वेटर जनेऊ का विज्ञापन करते प्रतीत होते हैं
पुरानी दो मंजिला बिल्डिंग के आगे घंटों कतार लगती है गुणी ग्राहकों की
जो इसके भोजन की शुद्धता के कायल हैं
उन्हें इंतज़ार रहता है शुद्ध घी में पके भारी भरकम मसाला डोसा का
सूजी की बनी रवा इडली का ,जिसके साथ पाल्या (गीलीसब्जी) मिलती है,साम्भर नहीं
मीठे के लिए केसरी बाथ और बादाम हलवा
साथ में चाँदी के ग्लास में फिल्टर काफी
आपातकाल के दौरान जब सरकार ने फ़ूड कण्ट्रोल एक्ट के तहत
इडली/वड़ा, डोसा के रेट ज़बरदस्ती कम कर दिए थे ,
तो इस कीमत पर अपनी गुणवत्ता से समझौता करने के बजाय मालिकों ने होटल बंद कर पिसे मसालों की दूकान खोल ली ,जो आज एक अलग बड़ा व्यवसाय है
लेकिन लंच के समय केवल थाली मिलती है
उस दिन शुरुआत हुई चाँदी के ग्लास में अंगूर के रस से
फिर चाँदी कि थाली मैं सबसे पहले कसुम्ब्री- भीगी मूँग की दाल का सलाद आया
बारी थी सादे दोसे की ,जिसे नारियल की चटनी के साथ परोसा जा रहा था
दोसे वाली आलू की सब्जी की जगह दो तरह का सूखा पाल्या आया .
घिसे नारियल के मसाले में पकी पत्ता गोभी और बीन्स की सब्जियां ,जिसमे राई का बघार लगा था
नया अनुभव था इस तरीके से डोसा खाना
अब बारी थी पुलाव की -आज के दिन कर्णाटक का विशिष्ट व्यंजन बीसी बेले बाथ -साथ में खीरे का रायता और आलू चिप्स , मसालेदार गरमा गर्म पुलाव खाकर मीठे की तलब हुई
ताज़ा बनी जलेबी और खीर जैसी पायसम हाज़िर थी
इसके बाद चावल के साथ साम्भर और रसम
अंत में MTR का प्रसिद्ध कर्ड राइस ,जिसमे अनार के दाने दिख रहे थे ,स्सथ में निम्बू का अचार
अभी चाँदी की कटोरी में fruit सलाद के साथ वनिला आइस क्रीम भी आनी बाकी थी
फिर आखिर में पान
सहयोगी खुश थे ,अगला वित्तीय वर्ष भी अच्छा बीते