
दाल में काला
अरहर की दाल और बैंगन की सब्जी किसी न किसी रूप में पूरे देश में मिल जाती है
चाहे पूर्वांचल का दाल चावल आलू चोखा हो या दक्षिण का अन्ना साम्भर (चावल +साम्भर)
बिना तूर (अरहर ) की दाल के किसी का पेट नहीं भरता
५०% से अधिक जन के प्रोटीन की स्रोत अरहर दाल का दाम पिछले दिनों आसमान चूम रहा है
३४ रुपये किलो मिलने वाली दाल की कीमत आजकल ९५-१०२ रुपये के आस पास है
जिस देश में अच्छे दिनों में मिलने वाली औसत मजदूरी १०० रुपये से ज्यादा न हो
वहां दाल की इस कीमत ने सारे घरेलु बजट को बिगाड़ दिया है
विद्वान जन इस के पीछे पिछले साल की कम पैदावार को मानते हैं
१२.६५ लाख टन से गिर कर 9.71 टन इस साल
म्यांमार और तंजानिया में कम उत्पादन भी जिम्मेवार है
लेकिन इस साल कम बारिश की आशंका से मिल मालिकों की काला बाजारी भी रंग ला रही है
राज्य सरकारें भी बाज़ार से खरीद कर PDS के माध्यम से कुछ राहत पहुँचाने की कोशिश कर रहीं है
पर हालत खास अच्छे नज़र नहीं आते
बच्चों के मिड डे माल से दाल गायब हो गयी है
ज़रूर दाल में काला है